मेजा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की पूर्व विधायक नीलम करवरिया का निधन

मेजा पूर्व विधायक नीलम करवरिया का निधन, समर्थकों में शोक की लहर

प्रयागराज। पूर्व विधायक मेजा नीलम करवरिया लिवर सिरोसिस की लंबी बीमारी से लड़ रही थीं और हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं। हार्ट अटैक के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन उनमें कोई सुधार नहीं हुआ और बृहस्पतिवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली।


पूर्व विधायक के प्रतिनिधि जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि हैदराबाद से बाबतपुर बनारस एयरपोर्ट और वहां से प्रयागराज कल्याणी देवी उनके आवास पर शव लाया जाएगा।शाम 5:00 बजे तक पूर्व विधायक नीलम करवरिया का शव उनके निवास कल्याणी देवी प्रयागराज लाया जाएगा। शनिवार को सुबह 10:00 बजे रसूलाबाद गंगा घाट पर  अंतिम संस्कार होगा ।


नीलम करवरिया एक मृदुभाषी और जनप्रिय नेता थीं, जिन्होंने अपने कार्यकाल में लोगों के दिलों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनकी मृत्यु से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक शून्य पैदा हुआ है, जिसे भरना मुश्किल होगा। उनके परिवार में दो बेटियाँ - समृद्धि और साक्षी करवरिया, और एक बेटा सक्षम है।

नीलम करवरिया के पति उदयभान करवरिया बारा के पूर्व विधायक हैं। जुलाई में पूर्व विधायक उदयभान करवरिया नैनी जेल से छूटकर बाहर आए थे। नीलम करवरिया के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनकी आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करने के लिए प्रार्थना की जा रही है।


नीलम करवरिया राजनीति में ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखती थीं। वह घर तक सीमित थीं, जबकि परिवार में पति उदयभान और जेठ राजनीति में दशकों से सक्रिय रहे। मगर जवाहर पंडित हत्याकांड में पति समेत तीनों करवरिया बंधुओं के जेल जाने के बाद नीलम को घर की दहलीज के बाहर कदम रखना पड़ा। 2017 में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें मेजा सीट से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा और भाजपा की लहर में नीलम ने जीत हासिल कर राजनीति में आईं। 2022 के विधानसभा चुनाव में नीलम करवरिया को भाजपा से फिर टिकट मिला था, लेकिन वह समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी से चुनाव हार गई थीं। इसके बाद लोकसभा चुनाव में भी उन्हें टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन टिकट नहीं मिल सका।

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