बैलून तकनीक से गर्भवती महिला के दिल का सफल उपचार, मां और शिशु सुरक्षित

पढ़ने का समय: गणना हो रही है…

आपकी सुरक्षित खबरें

लेखक परिचय

मानस न्यूज-24 संवाददाता

प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों की स्थानीय, जनहित एवं समसामयिक खबरें।

प्रयागराज। स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने पांच माह की गर्भवती महिला के हृदय का संकुचित माइट्रल वाल्व बिना ओपन हार्ट सर्जरी के बैलून तकनीक से सफलतापूर्वक खोल दिया। उपचार के बाद महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की स्थिति सुरक्षित है। चिकित्सकों के अनुसार, प्रयागराज मंडल में गर्भावस्था के दौरान इस तरह का यह पहला उपचार है।

मांडा क्षेत्र की 25 वर्षीय महिला सांस फूलने, बार-बार खांसी आने और सीने में जकड़न की समस्या से परेशान थी। उसकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि लेटने और रात में सोने में भी परेशानी होने लगी थी। परिजन उसे एसआरएन अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में हृदय का माइट्रल वाल्व गंभीर रूप से संकुचित पाया गया। गर्भावस्था के दौरान हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से मां और गर्भस्थ शिशु, दोनों के लिए खतरा बढ़ गया था।

स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बिना ओपन हार्ट सर्जरी के बैलून तकनीक से वाल्व खोलने का निर्णय लिया। प्रक्रिया के दौरान करीब चार मिलीमीटर का छोटा छेद बनाकर कैथेटर के जरिये 24 मिलीमीटर का बैलून हृदय तक पहुंचाया गया। इसके बाद बैलून की मदद से संकुचित वाल्व को खोला गया। गर्भस्थ शिशु को एक्सरे विकिरण से बचाने के लिए विशेष फीटल शील्ड का इस्तेमाल किया गया।

उपचार के बाद महिला को सांस लेने में राहत मिली। हृदय के प्रेशर ग्रेडिएंट में भी सुधार दर्ज किया गया। चिकित्सकों ने मां और गर्भस्थ शिशु दोनों को सुरक्षित बताया है।

कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पीयूष सक्सेना के निर्देशन में इस जटिल प्रक्रिया को इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वैभव श्रीवास्तव, डॉ. विमल कुमार निषाद और डॉ. ऋषिका पटेल ने अंजाम दिया। कैथ लैब तकनीशियन विवेक, योगेश और रामनिवास ने भी उपचार में सहयोग किया।

एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके वर्मा ने कहा कि एसआरएन अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की दक्षता और टीमवर्क से अब जटिल मामलों का भी सफल उपचार संभव हो रहा है।

यह खबर आपको कैसी लगी?

आप फोटो, वीडियो और जरूरी विवरण सीधे मानस न्यूज-24 के व्हाट्सऐप नंबर पर भेज सकते हैं।