नई दिल्ली। जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल की करीब 85 हजार रुपये कीमत वाली टेंपल डिवाइस को लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों ने सवाल खड़े किए हैं। कंपनी की ओर से यह उपकरण दिमाग में रक्त प्रवाह और शरीर पर पड़ने वाले जैविक तनाव की जानकारी देने का दावा करता है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इसकी सटीकता साबित करने के लिए स्वतंत्र वैज्ञानिक शोध पर्याप्त नहीं हैं।
कनपटी पर चिपकाई जाने वाली गोली के आकार की इस डिवाइस में प्रकाश आधारित सेंसर लगे हैं। यह ब्रेनफ्लो और एंट्रॉपी स्कोर के जरिए स्वास्थ्य संबंधी संकेत मापने का दावा करती है। एंट्रॉपी स्कोर की सीमा एक से 250 बताई गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, त्वचा के नीचे रक्त वाहिकाओं से मिलने वाले संकेतों के आधार पर सीधे मस्तिष्क का रक्त प्रवाह मापने के दावे की पुष्टि जरूरी है।
वहीं, दीपिंदर गोयल ने डिवाइस को घोटाला बताने से इनकार किया है। उनका कहना है कि इसके विकास पर 280 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं, जिसमें 188 करोड़ रुपये उन्होंने स्वयं लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह मेडिकल उपकरण नहीं, बल्कि फिटनेस और वेलनेस उत्पाद है। साथ ही 14 दिन में बिना सवाल वापसी की सुविधा भी बताई है।

