सीएम आरोग्य मेले में मरीजों को दिया गया कागजी इलाज

स्वास्थ्य कर्मियों का गजब कारनामा: सीएम आरोग्य मेले में मरीजों को दिया गया कागजी इलाज

कागज पर मरीज, असल में ताला: पीएचसी की सेवाओं में बड़ा घोटाला

*मानस न्यूज*

मांडा। रविवार को ब्लॉक क्षेत्र के महेवा कला पीएचसी में आयोजित सीएम जनअरोग्य मेला में मरीजों को निराशा हाथ लगी। मेले में डॉक्टर सहित कोई स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंचा, और अस्पताल में ताला लटकता मिला। जबकि क्षेत्र में वायरल फीवर व डायरिया का प्रकोप बढ़ा हुआ है। स्वास्थ्य कर्मियों ने बिना अस्पताल पहुंचे और ताला खोले बिना ही मेले में पहुंचने वाले 47 मरीज का इलाज करने की मनगढ़ंत सूचना विभाग को भेज दी। महेवा कला पीएचसी में पूरे दिन ताला लटकता रहा और स्वास्थ्य कर्मियों ने 47 मरीज का इलाज करने की रिपोर्ट अफसरों को भेज दी। इतना ही नही अपनी उपस्थित पक्की करने के लिए अफसरों को अस्पताल में मौजूदगी की फोटो वाट्सएप की। जबकि इलाज की आश में अस्पताल परिसर पहुंचे मरीजो को मायूस होकर लौटना पड़ा।

महेवा कला निवासी रामधनी यादव ने कहा, "मेरी बेटी को वायरल फीवर हो गया है, और इलाज के लिए पीएचसी पहुंचे। लेकिन अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था, और ताला लटक रहा था। हमें निराशा हाथ लगी। हमें अब निजी अस्पताल में जाना पड़ेगा, जो हमारे लिए बहुत महंगा होगा।

अन्य ग्रामीण, विनीत कुमार ने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब मरीजों को सबसे ज्यादा जरूरत है, तब स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित हैं। हमें उम्मीद थी कि मेले में हमें अच्छा इलाज मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब हमें दूसरे अस्पताल में जाना पड़ेगा, जो हमारे लिए बहुत मुश्किल होगा।"

सीएम योगी की महत्वाकांक्षी योजना को स्वास्थ्य कर्मी पलीता लगा रहे हैं। यह घटना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और संवेदनहीनता को दर्शाती है। मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले इन स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग को अपनी व्यवस्था में सुधार करना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि स्वास्थ्य कर्मी अपने ड्यूटी पर मौजूद रहें।

प्रधान दीपक कुमार ने कहा, "इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर किया है, और मरीजों को निराशा हाथ लगने के बाद, विभाग को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि स्वास्थ्य सेवाएं सभी के लिए उपलब्ध हों।

सीएचसी अधीक्षक मांडा डॉ अजीत सिंह ने कहा, "महेवा में तैनात डा सृजन जैन की ड्यूटी डीएम कार्यालय में लगी हुई थी। फॉर्मासिस्ट सतेंद्र सिंह सहित अन्य स्टाफ को सीएम आरोग्य मेला में पहुंचने का निर्देश दिया गया था। ताला बंद होने की जांच कराई जाएगी और गैरहाजिर रहने वाले कर्मियों का वेतन काटा जाएगा।

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