मेजा थर्मल पावर प्लांट ने पर्यावरण संरक्षण में बड़ा कदम उठाया

रवि गुप्ता (चीफ एडिटर) मानस न्यूज 

प्रयागराज के मेजा में स्थित 2×660 मेगावाट क्षमता वाले मेजा थर्मल पावर प्लांट ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लगभग 580 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन प्रणाली से सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी।


यह प्लांट श्रेणी सी संयंत्र है, जिसके लिए 31 दिसंबर 2026 तक एसओ2 उत्सर्जन अनुपालन समयसीमा निर्धारित है। लेकिन मेजा थर्मल पावर प्लांट ने समयसीमा से पहले ही यह प्रणाली स्थापित कर ली है।


मेजा थर्मल पावर प्लांट के सीईओ कमलेश सोनी ने 23 सितंबर 2024 को यूनिट 1 के फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन प्रणाली का उद्घाटन किया। इस मौके पर विभागाध्यक्ष और कर्मचारी मौजूद रहे।


यह प्रणाली चूने के पत्थर का उपयोग करके फ्लू गैसों से सल्फर ऑक्साइड को हटाती है, जिससे जिप्सम का उत्पादन होता है। जिप्सम का उपयोग सीमेंट और संबंधित उद्योगों में किया जाएगा।


मेजा थर्मल पावर प्लांट की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय उत्सर्जन मानकों के पालन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो इसे ऊर्जा क्षेत्र में एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट बनाती है।

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